चार दिन काम, तीन दिन छुट्टी! क्या भारत में लागू होगा 4-Day Working Week? जानिए पूरा सच
देश में इन दिनों ‘चार दिन काम और तीन दिन छुट्टी’ यानी 4-Day Working Week को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर ऑफिस कॉरिडोर तक हर जगह यही सवाल है कि क्या भारत में अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम करना होगा? इस पर श्रम मंत्रालय (Labour Ministry) ने स्थिति साफ करते हुए बताया है कि नए लेबर कोड्स के तहत यह व्यवस्था संभव है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ।
कैसे काम करेगा 4-Day Working Week?
श्रम मंत्रालय के अनुसार, नए लेबर कोड में हफ्ते के कुल 48 घंटे काम करने का नियम बरकरार रखा गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब इन 48 घंटों को लचीले तरीके से बांटने का विकल्प दिया गया है।
इसका मतलब यह है कि:
- कर्मचारी 4 दिन काम कर सकते हैं और 3 दिन की पेड छुट्टी ले सकते हैं
- इसके लिए हर कामकाजी दिन 12 घंटे काम करना होगा
- अगर कोई कर्मचारी 12 घंटे से ज्यादा काम करता है, तो उसे ओवरटाइम माना जाएगा
- ओवरटाइम के बदले दोगुनी सैलरी देना अनिवार्य होगा
- किसी भी कर्मचारी से हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि लगातार 12 घंटे काम करने की बाध्यता नहीं होगी। लंच ब्रेक, रेस्ट टाइम और शिफ्ट के बीच का गैप भी वर्किंग ऑवर्स में एडजस्ट किया जा सकता है, ताकि कर्मचारियों को पर्याप्त आराम मिल सके।
नए लेबर कोड्स में क्या-क्या बदला?
सरकार ने 21 नवंबर 2025 को देश के पुराने 29 लेबर कानूनों की जगह 4 नए लेबर कोड्स लागू किए हैं:
- Code on Wages, 2019
- Industrial Relations Code, 2020
- Social Security Code, 2020
- Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020
इन नए कोड्स का उद्देश्य:
- नियमों को सरल और एक समान बनाना
- काम के घंटे, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना
- कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए पारदर्शी व्यवस्था तैयार करना
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को बड़ा फायदा
नए लेबर कोड्स में पहली बार गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और एग्रीगेटर वर्कर्स को भी शामिल किया गया है।
- आधार से लिंक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए उनका वेलफेयर फंड पोर्टेबल होगा
- फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को अब परमानेंट स्टाफ जैसी सुविधाएं मिलेंगी
- इसमें छुट्टियां, हेल्थ कवर और सोशल सिक्योरिटी शामिल है
- ग्रेच्युटी नियम में बदलाव कर अब सिर्फ 1 साल की निरंतर सेवा पर भी ग्रेच्युटी का हक मिलेगा
हर सेक्टर में लागू होगा या नहीं?
विशेषज्ञों का कहना है कि 4-Day Working Week हर सेक्टर में तुरंत लागू नहीं होगा।
- IT, स्टार्टअप्स और कुछ कॉर्पोरेट सेक्टर इसे जल्दी अपना सकते हैं
- मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और इमरजेंसी सेवाओं में पुरानी व्यवस्था जारी रह सकती है
- यह पूरी तरह कंपनी और कर्मचारियों के बीच आपसी सहमति पर निर्भर करेगा

