17 मार्च 2026 का पंचांग: चैत्र कृष्ण त्रयोदशी और मासिक शिवरात्रि, योग-ध्यान के लिए शुभ दिन
आज मंगलवार, 17 मार्च 2026 को हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। यह तिथि विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आज Masik Shivratri का पावन पर्व भी है, जो साधना, योग और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रयोदशी तिथि पर नंदी का अधिकार होता है, जो भगवान शिव के वाहन हैं। इस दिन पुराने पापों के प्रायश्चित, ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास करने से विशेष लाभ मिलता है।
17 मार्च 2026 का पंचांग
- विक्रम संवत: 2082
- मास: चैत्र
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: त्रयोदशी
- दिन: मंगलवार
- योग: सिद्धि
- नक्षत्र: धनिष्ठा
- करण: वणिज
- चंद्र राशि: कुंभ
- सूर्य राशि: मीन
- सूर्योदय: 06:29 बजे
- सूर्यास्त: 06:30 बजे
- चंद्रोदय: 18 मार्च, सुबह 05:52 बजे
- चंद्रास्त: शाम 06:30 बजे
आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ समय
आज चंद्रमा कुंभ राशि में और Dhanishta Nakshatra में स्थित है। इस नक्षत्र के देवता अष्टवसु माने जाते हैं और इस पर मंगल ग्रह का प्रभाव रहता है। यह नक्षत्र यात्रा, मित्रों से मुलाकात और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है।
आज का राहुकाल और वर्जित समय
- राहुकाल: 15:30 से 17:00 बजे
- यमगंड: 10:59 से 12:30 बजे
ज्योतिष के अनुसार राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और दुमुहूर्त जैसे समय में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
क्या करें आज के दिन
इस दिन भगवान शिव की पूजा, ध्यान, जप और योग करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। विशेष रूप से मासिक शिवरात्रि के कारण आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

